ईरान जंग को लेकर पाकिस्तान के संभावित मध्यस्थ बनने की ख़बरों को कांग्रेस पार्टी ने मोदी सरकार की नाकामी बताया है.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर इस संबंध में एक लंबी पोस्ट लिखी है.
जयराम रमेश ने कहा है, अगर ये रिपोर्टें सही हैं, तो यह भारत के लिए एक बड़ा झटका और भारत की उपेक्षा है. इसके लिए पूरी तरह स्वघोषित विश्वगुरु जिम्मेदार हैं.
जयराम रमेश ने लिखा है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की कूटनीतिक सक्रियता और नैरेटिव प्रबंधन मोदी सरकार की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी रहा है.
जयराम रमेश के मुताबिक़, जो पाकिस्तान राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और वैश्विक स्तर पर बेहद नाजुक स्थिति में था, उसे एक नई जिंदगी मिल गई.
उन्होंने आगे लिखा, बिना किसी उकसावे के ईरान पर अमेरिका-इसराइल के हवाई हमले शुरू होने से ठीक दो दिन पहले पीएम मोदी की अविवेकपूर्ण इसराइल यात्रा, हमारे राजनीतिक इतिहास में एक बेहद विनाशकारी निर्णय के रूप में दर्ज होगी.
जयराम रमेश ने लिखा, एक ऐसा फ़ैसला जिसने हमें उस स्थिति से पीछे धकेल दिया, जहां हम मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते थे. प्रधानमंत्री की झप्पी कूटनीति की पूरी तरह पोल खुल चुकी है. देश को इसकी क़ीमत चुकाने के लिए मजबूर किया जा रहा है.
इससे पहले बीबीसी के व्हाइट हाउस संवाददाता बर्न्ड डिबशमैन जूनियर ने फ़ाइनेंशियल टाइम्स और एक्सियोस की ख़बरों के हवाले से बताया कि ईरान जंग को ख़त्म करने के लिए पाकिस्तान संभावित मध्यस्थ बन सकता है.(bbc.com/hindi)